UPPCL New Connection Cost Data Book 2026: नया बिजली कनेक्शन लेने में अब कितना खर्चा आएगा?

उत्तर प्रदेश में नया बिजली कनेक्शन (New Electricity Connection in UP) लेने वालों के लिए एक बड़ा अपडेट आया है। उत्तर प्रदेश विद्युत नियामक आयोग (UPERC) ने नई Cost Data Book 2025-26 को मंजूरी दे दी है। यह नया नियम लागू हो चुका है, जिसने नए कनेक्शन के एस्टीमेट (Estimate) से लेकर स्मार्ट मीटर के चार्ज तक का पूरा गणित बदल दिया है।

अगर आप भी उत्तर प्रदेश पावर कॉर्पोरेशन लिमिटेड (UPPCL) से नया घरेलू, कमर्शियल या ट्यूबवेल का कनेक्शन लेने जा रहे हैं, तो आवेदन करने से पहले यह जान लें कि अब आपकी जेब पर कितना असर पड़ने वाला है।

UPPCL Cost Data Book 2026: Overview

जानकारी विवरण
जारी करने वाली संस्था UPERC (उत्तर प्रदेश विद्युत नियामक आयोग)
कब से लागू 12 जनवरी 2026 तक (डिस्कॉम द्वारा नोटिफाई तारीख से)
मुख्य बदलाव Fixed Service Line Charge की जगह नया “Metering Charge” सिस्टम
सिंगल-फेज स्मार्ट मीटर कॉस्ट ₹2,800
बुक की वैलिडिटी 2 साल (WPI आधारित सालाना एस्केलेशन के साथ)

UPPCL की नई Cost Data Book और क्यों पड़ी इसकी जरूरत?

Cost Data Book वह आधिकारिक गाइडलाइन है जिसके आधार पर बिजली विभाग (जैसे MVVNL, PVVNL, DVVNL, PuVVNL) नए कनेक्शन के लिए लगने वाले सामान (जैसे तार, पोल, मीटर) और लेबर का एस्टीमेट तय करता है।

इससे पहले राज्य में 2019-20 की पुरानी कॉस्ट डेटा बुक चल रही थी। पिछले साढ़े छह सालों में बिजली के सामानों की वास्तविक कीमतें काफी बढ़ चुकी थीं, जिसके कारण पुराने रेट और बाजार भाव में बड़ा अंतर आ गया था। इस गैप को खत्म करने और पूरी प्रक्रिया को पारदर्शी बनाने के लिए यह नई किताब लाई गई है। अब जूनियर इंजीनियर (JE) अपनी मर्जी से मनमाना एस्टीमेट नहीं बना पाएंगे; हर उपभोक्ता को तय स्टैंडर्ड रेट के हिसाब से ही बिल देना होगा।

स्मार्ट मीटर कॉस्ट अब Metering Charge में शामिल

जनवरी 2026 से हर नए कनेक्शन के साथ AMI-कम्पैटिबल स्मार्ट मीटर अनिवार्य है, और इसकी कीमत अब “Metering Charge” नाम के नए हेड में जोड़ी जाती है (पहले इसे Fixed Service Line Charge कहा जाता था)। सिंगल-फेज घरेलू कनेक्शन के लिए स्मार्ट मीटर की बेस कॉस्ट ₹2,800 तय की गई है।

भुगतान का तरीकाडिटेल
Option 1: किस्तों मेंआवेदन के समय ₹1,000 जमा करें, बाकी ₹1,800 अगले 24 महीनों तक ₹84/माह के हिसाब से बिल में जुड़ेगा
Option 2: पूरा एडवांसपूरे ₹2,800 आवेदन के समय ही जमा करें — इससे किस्तों पर लगने वाला ब्याज बच जाता है

दूरी के हिसाब से लाइन चार्ज (Line Charge Slabs)

नई किताब में लाइन चार्ज को तीन हिस्सों में बांटा गया है:

  • 100 मीटर तक: एक तय फिक्स्ड अमाउंट लगता है
  • 101 से 300 मीटर तक: उससे ऊंचा फिक्स्ड अमाउंट लगता है
  • 300 मीटर से ज्यादा: यहां JE द्वारा साइट पर actual estimate तैयार किया जाता है (PTW कनेक्शन और 150 kW से ऊपर के HT कनेक्शन भी इसी actual-estimate वाले सिस्टम में आते हैं)

दूरी नापने का तरीका भी साफ किया गया है — यह सीधी लाइन से नहीं, बल्कि नजदीकी distribution mains से मीटर लगने की जगह तक के shortest clear wire route से मापी जाती है। किताब में यह भी लिखा है कि नापते समय मीटर के फ्रैक्शन (जैसे 0.5 मीटर) को इग्नोर कर दिया जाता है।

ई कॉलोनियों और मल्टी-स्टोरी बिल्डिंग के लिए विशेष छूट

यदि आप किसी ऐसी नई या अनडेवलप्ड कॉलोनी (Undeveloped Colony) में रहते हैं जहाँ UPPCL ने अभी तक पोल या परमानेंट तार नहीं बिछाए हैं, तो आपसे Supply Affording Charge (SAC) नहीं लिया जाएगा। आपको केवल Metering Charge देना होगा।

ऐसा इसलिए है क्योंकि इन कॉलोनियों के विकास के समय ही बिल्डर या अथॉरिटी से डेवलपमेंट चार्ज (लगभग ₹70 प्रति वर्ग मीटर) के रूप में इंफ्रास्ट्रक्चर का खर्च पहले ही लिया जा चुका होता है। यही नियम बड़ी बहुमंजिला इमारतों (Multi-Storey Buildings) के मल्टी-पॉइंट कनेक्शन पर भी लागू होगा।

प्रोसेसिंग फीस और सिक्योरिटी डिपॉजिट में बदलाव

  • लाइन शिफ्टिंग के लिए नया नियम: नई किताब में Chapter 3 के तहत ‘Processing Fee for Line Shifting’ को जोड़ा गया है। अगर एक ही परिसर में एक से अधिक शिफ्टिंग के काम होने हैं, तो आपसे केवल सबसे अधिक वाली एक प्रोसेसिंग फीस ली जाएगी, बाकी माफ रहेगी। यह फीस नॉन-रिफंडेबल होती है।
  • सुरक्षा राशि (Security Deposit): अच्छी बात यह है कि सामान्य घरेलू उपभोक्ताओं, किसानों (PTW) और सार्वजनिक प्रकाश व्यवस्था (Public Lighting) के लिए सिक्योरिटी डिपॉजिट की दरों में कोई बड़ा बदलाव नहीं किया गया है, इसे पहले जैसा ही रखा गया है।

अगले साल क्यों बदल सकते हैं रेट? (WPI Escalation Clause)

पुरानी कॉस्ट डेटा बुक की सबसे बड़ी कमी यह थी कि वह सालों-साल बिना किसी बदलाव के चलती रही। लेकिन इस नई किताब की वैलिडिटी केवल 2 साल तय की गई है।

नियम के अनुसार, पहले साल के बाद मीटर की कीमत को छोड़कर बाकी सभी सामग्रियों (Materials) के रेट पिछले 12 महीनों के WPI (Wholesale Price Index – थोक मूल्य सूचकांक) के उतार-चढ़ाव के आधार पर अपने आप रिवाइज हो जाएंगे। इससे मार्केट रेट और बिजली विभाग के रेट में हमेशा संतुलन बना रहेगा।

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अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQs)

Q1. नई Cost Data Book कब से लागू हुई है?

यह 31 दिसंबर 2025 को जारी हुई और डिस्कॉम द्वारा नोटिफाई तारीख से, अधिकतम 12 जनवरी 2026 तक लागू हो चुकी है।

Q2. सिंगल-फेज स्मार्ट मीटर की कीमत कितनी है?

₹2,800 — इसे या तो पूरा एडवांस दे सकते हैं, या ₹1,000 अभी + बाकी ₹84/माह की किस्त में 24 महीने तक चुका सकते हैं।

Q3. क्या पुराने आवेदन पर भी नई रेट लागू होगी?

नहीं। अगर आपका आवेदन नई किताब लागू होने से पहले प्रोसेस में था, तो उसका estimate पुरानी 2019-20 रेट पर ही बनेगा।

Q4. अगर मेरी कॉलोनी में अभी बिजली की लाइन नहीं है तो क्या मुझे ज्यादा पैसा देना होगा?

नहीं। अनडेवलप्ड/अनइलेक्ट्रिफाइड कॉलोनी के उपभोक्ताओं को सिर्फ Metering Charge देना होता है, Supply Affording Charge नहीं लगता।

Q5. अगली बार रेट कब बदलेंगे?

पहले साल के बाद (यानी 2027 से) मीटर कॉस्ट को छोड़कर बाकी material रेट अपने आप WPI के हिसाब से एस्केलेट हो जाएंगे।

निष्कर्ष

नई UPPCL Cost Data Book 2025-26 ने नए कनेक्शन लेने के प्रोसेस को पहले से ज्यादा पारदर्शी और स्टैंडर्ड बना दिया है — लेकिन साथ ही स्मार्ट मीटर की कॉस्ट और कुछ फीस भी बढ़ी हैं। नया कनेक्शन लेने से पहले अपने डिस्कॉम से ताजा estimate जरूर लें और Jhatpat Portal पर current रेट cross-check करें। किसी भी सवाल या शिकायत के लिए UPPCL की टोल-फ्री हेल्पलाइन 1912 पर संपर्क करें।

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