UP Bijli Subsidy 2026-27: उपभोक्ताओं और किसानों के लिए ₹20,400 करोड़ की राहत, जानें पूरी डिटेल

UP Bijli Subsidy 2026-27: उत्तर प्रदेश के बिजली उपभोक्ताओं के लिए वित्तीय वर्ष 2026-27 एक बड़ी राहत लेकर आया है। उत्तर प्रदेश विद्युत नियामक आयोग (UPERC) ने लगातार 7वें साल बिजली दरों में कोई बढ़ोतरी नहीं की है, और साथ ही राज्य सरकार ने बिजली सब्सिडी को ₹17,100 करोड़ से बढ़ाकर ₹20,400 करोड़ कर दिया है। यह बढ़ी हुई सब्सिडी सीधे तौर पर लाइफलाइन उपभोक्ताओं, ग्रामीण और शहरी गरीब परिवारों, निजी ट्यूबवेल संचालकों और ग्रामीण मीटर्ड उपभोक्ताओं को फायदा पहुंचाएगी। इस आर्टिकल में हम आपको बताएंगे कि यह सब्सिडी किसे, कितनी और कैसे मिलेगी।

बिंदु विवरण
कुल सब्सिडी (2026-27)₹20,400 करोड़
पिछले साल की सब्सिडी (2025-26)₹17,100 करोड़
बढ़ोतरी₹3,300 करोड़
लाइफलाइन सब्सिडी₹3.50/यूनिट से बढ़कर ₹3.75/यूनिट
तारीफ बढ़ोतरीलगातार 7वें साल कोई बढ़ोतरी नहीं
रेगुलेटरी गैप₹2,580 करोड़ (सरप्लस से पूरा किया जाएगा)

सब्सिडी में कितनी बढ़ोतरी हुई?

ऊर्जा मंत्री ए.के. शर्मा के अनुसार, राज्य सरकार ने 2026-27 के लिए बिजली टैरिफ सब्सिडी को ₹17,100 करोड़ से बढ़ाकर ₹20,400 करोड़ कर दिया है। यह बढ़ोतरी सीधे उन उपभोक्ताओं को फायदा पहुंचाएगी जो लाइफलाइन, ग्रामीण गरीब परिवार, निजी ट्यूबवेल संचालक और ग्रामीण मीटर्ड कैटेगरी में आते हैं।

जानकारी: UPERC ने 2026-27 के लिए लगभग ₹2,580 करोड़ का रेगुलेटरी गैप पहचाना था, लेकिन UPPCL और डिस्कॉम्स के बेहतर वित्तीय प्रबंधन और मौजूदा सरप्लस के कारण टैरिफ बढ़ोतरी की सिफारिश नहीं की गई।

लाइफलाइन और ग्रामीण उपभोक्ताओं को कितना फायदा

सबसे ज्यादा राहत गरीब और ग्रामीण उपभोक्ताओं को मिली है:

कैटेगरी पुरानी सब्सिडी नई सब्सिडी (2026-27)
लाइफलाइन उपभोक्ता₹3.50/यूनिट₹3.75/यूनिट
ग्रामीण उपभोक्ता (0-100 यूनिट)₹3.30/यूनिट₹3.70/यूनिट
ग्रामीण उपभोक्ता (101-150 यूनिट)₹3.00/यूनिट₹3.50/यूनिट
निजी ट्यूबवेल (प्रति BHP/माह)₹705₹835
ध्यान दें: यह सब्सिडी सीधे आपके बिल में समायोजित होती है, इसके लिए अलग से आवेदन करने की जरूरत नहीं है। सही कैटेगरी (लाइफलाइन/ग्रामीण) में कनेक्शन दर्ज होना जरूरी है।

Average Billing Rate (ABR) 2026-27 — कैटेगरी अनुसार

UPERC द्वारा स्वीकृत ABR इस प्रकार है:

कैटेगरी ABR (₹/यूनिट)
LMV-1 (घरेलू)5.82
LMV-2 (नॉन-डोमेस्टिक)9.87
LMV-5 (निजी ट्यूबवेल-ग्रामीण)2.27
LMV-6 (लघु एवं मध्यम पावर)9.02
HV-1 (नॉन-इंडस्ट्रियल बल्क)9.86
HV-2 (लार्ज एंड हैवी पावर)7.97
LMV-11 (EV चार्जिंग)7.58
कुल औसत (सभी कैटेगरी)6.36

EV चार्जिंग और ग्रीन एनर्जी को बढ़ावा

तारीफ ऑर्डर में इलेक्ट्रिक व्हीकल को बढ़ावा देने के लिए खास प्रावधान किए गए हैं:

  • ग्रीन एनर्जी टैरिफ पहले जैसा ही रखा गया है — HV उपभोक्ताओं के लिए ₹0.34/यूनिट और LV/LMV उपभोक्ताओं के लिए ₹0.17/यूनिट अतिरिक्त।
  • सुबह 9 बजे से शाम 4 बजे तक (सोलर आवर्स) EV चार्जिंग स्टेशनों को 20% कम टैरिफ मिलेगा।
  • LMV-11 कैटेगरी में अब Battery Charging Stations (BCS), Battery Swapping Stations (BSS) और Battery as a Service (BaaS) प्रोवाइडर्स भी शामिल किए गए हैं।

निजी ट्यूबवेल उपभोक्ताओं के लिए दरें

कनेक्शन प्रकारदर
ग्रामीण अनमीटर्ड₹170/BHP/माह
ग्रामीण मीटर्ड₹70/BHP/माह + ₹2.00/kWh
ग्रामीण एनर्जी-एफिशिएंट कनेक्शन₹70/BHP/माह + ₹1.65/kWh
UPPCL बिजली बिल कैलकुलेटर 2026-27
FPPAS सरचार्ज और नए टैरिफ के साथ अपना घरेलू या कमर्शियल बिल खुद निकालें।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQs)

1. क्या सब्सिडी के लिए अलग से आवेदन करना होगा?

नहीं, यह सब्सिडी सीधे आपके मासिक बिल में समायोजित होती है, अगर आपका कनेक्शन सही कैटेगरी में दर्ज है।

2. लाइफलाइन कैटेगरी में कौन आता है?

1kW तक लोड वाले BPL उपभोक्ता जो महीने में 100 यूनिट तक बिजली खर्च करते हैं, वे लाइफलाइन कैटेगरी में आते हैं।

3. क्या 2026-27 में बिजली दरें बढ़ेंगी?

नहीं, UPERC ने लगातार 7वें साल सभी उपभोक्ता कैटेगरी में बिजली दरें अपरिवर्तित रखी हैं।

4. किसानों को इस सब्सिडी से क्या फायदा है?

निजी ट्यूबवेल संचालकों की सब्सिडी ₹705 से बढ़ाकर ₹835 प्रति BHP प्रति माह कर दी गई है, जिससे सिंचाई की लागत कम होगी।

5. EV चार्जिंग स्टेशन मालिकों को क्या राहत मिली है?

सुबह 9 बजे से शाम 4 बजे तक चार्जिंग करने पर 20% कम टैरिफ की सुविधा दी गई है।

निष्कर्ष

UP सरकार का यह कदम प्रदेश के करोड़ों बिजली उपभोक्ताओं के लिए राहत भरा है, खासकर लाइफलाइन, ग्रामीण और किसान वर्ग के लिए। अगर आपको अपने बिल, सब्सिडी या टैरिफ से जुड़ी किसी भी समस्या का सामना करना पड़ रहा है, तो आप UPPCL की टोल-फ्री हेल्पलाइन 1912 पर कॉल कर सकते हैं।

Leave a Comment